उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  ने कहा है कि राज्य सरकार युवाओं को रोजगार के अधिक से अधिक अवसर उपलब्ध कराने के लिए कृतसंकल्पित है। इसके लिए मिशन रोजगार के अन्तर्गत विभिन्न विभागों, संस्थाओं एवं निगमों आदि के समन्वित प्रयास से प्रदेश के नौजवानों को रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा।

राज्य सरकार की नीति है कि पूरी निष्पक्षता, पारदर्शिता एवं भेदभाव रहित ढंग से विभिन्न पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया पूर्ण की जाए। प्रदेश सरकार द्वारा युवाओं का चयन एवं पदस्थापन उनकी योग्यता और क्षमता के आधार पर किया जा रहा है, जिससे उनकी ऊर्जा और कौशल का प्रदेश के विकास के लिए पूरा उपयोग किया जा सके।

मुख्यमंत्री आज यहां अपने सरकारी आवास पर उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के नवचयनित 1438 जूनियर इंजीनियर्स को नियुक्ति पत्र वितरण, पदस्थापन एवं संवाद कार्यक्रम का शुभारम्भ करने के पश्चात अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने नवचयनित अवर अभियन्ताओं   विनय कुशवाहा,   मोहम्मद हबीब,   नवनीत सिंह,   साधना चन्दन एवं   गायत्री को चयन एवं पदस्थापन का प्रमाण पत्र प्रदान किया।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विभिन्न जनपदों के नवचयनित एवं पदस्थापित जूनियर इंजीनियर्स से संवाद किया। उन्होंने जनपद सीतापुर के  आशुतोष सिंह, जनपद गोरखपुर की संध्या कनौजिया, जनपद वाराणसी के  राजेश कुमार पटेल, जनपद झांसी के राहुल उपाध्याय, जनपद मेरठ के  राशिद अली, जनपद कानपुर की  कृसुम दुबे, जनपद प्रयागराज के  राकेश कुमार सरोज, जनपद बरेली के उमेश पाल सिंह, जनपद रामपुर के अजय कुमार तथा जनपद सहारनपुर के  राधेश्याम सैनी से संवाद किया।

मुख्यमंत्री ने संवाद के दौरान निष्पक्ष और पारदर्शी चयन और पदस्थापन के लिए सभी अभ्यर्थियों और उनके परिवारजनों को बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने नवचयनित अवर अभियन्ताओं से पूछा कि चयन व पदस्थापन प्रक्रिया के दौरान उन्हें किसी प्रकार के लेनदेन, सिफारिश अथवा भेदभाव का सामना तो नहीं करना पड़ा? मुख्यमंत्री को सभी अभ्यर्थियों से नकारात्मक उत्तर मिला। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता द्वारा अच्छे जनप्रतिनिधियों और सरकार का चुनाव किये जाने पर निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से ही कार्य सम्पादन किया जाता है। उन्होंने भरोसा जताया कि जिस निष्पक्षता व पारदर्शिता के साथ अभ्यर्थियों का चयन एवं पदस्थापन हुआ है, समस्त चयनित अभ्यर्थीगण भी उसी प्रकार पूरी निष्ठा, तन्मयता एवं प्रतिबद्धता के साथ कार्य सम्पादन करेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री की मंशा के अनुरूप सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग का नामकरण जलशक्ति विभाग किया गया है। उ.प्र. लोक सेवा आयोग द्वारा विभाग के लिए निष्पक्ष चयन तथा विभाग द्वारा चयनित अवर अभियन्ताओं का पारदर्शी पदस्थापन एक उपलब्धि है। गत वर्ष भी विभाग द्वारा लोक सेवा आयोग द्वारा चयनित 543 सहायक अभियन्ताओं का पारदर्शी ढंग से पदस्थापन किया गया था। जलशक्ति विभाग द्वारा अभियन्ताओं का निष्पक्ष चयन एवं पदस्थापन अन्य विभागों के लिए उदाहरण है। इस जनशक्ति से जलशक्ति विभाग की ताकत बढ़ेगी और प्रधानमंत्री की मंशा के अनुरूप विभाग को नई ऊँचाइयों तक ले जाने में मदद मिलेगी, जो लोककल्याण में सहायक होगा।