उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ   ने कहा कि अयोध्या के पुरातन, ऐतिहासिक, धार्मिक, आध्यात्मिक तथा सांस्कृतिक महत्व के दृष्टिगत केन्द्र व राज्य सरकार इसके प्राचीन गौरव के अनुरूप प्रतिष्ठित करने का कार्य कर रही हैं। अयोध्या को वैश्विक पहचान दिलाने के साथ-साथ समस्त आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित कर इसका सर्वांगीण विकास हमारी प्राथमिकता है।

                                         यह जानकारी आज यहां देते हुए एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री   के निर्देशों के क्रम में अयोध्या के प्राचीन गौरव तथा सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक परम्परा एवं पहचान को पुनस्र्थापित करने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा अनेक विकास परियोजनाएं संचालित की जा रही हैं। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से अयोध्या धाम श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए आकर्षण के बड़े केन्द्र के रूप में उभरेगा। श्रद्धालुओं और पर्यटकों को यहां सभी आवश्यक सुविधाएं सुलभ होंगी।

                                       प्रवक्ता ने बताया कि अयोध्या में भजन संध्या स्थल, दशरथ महल, सत्संग भवन, यात्री सहायता केन्द्र, रैन बसेरा, क्वीन हो मेमोरियल पार्क, रामकथा पार्क के विस्तारीकरण का कार्य चल रहा है। भजन संध्या स्थल का कार्य लगभग पूर्ण हो गया है। इस परियोजना की लागत 1902 लाख रुपए है। 242 लाख रुपए से अधिक की लागत से बनने वाले दशरथ महल, सत्संग भवन, यात्री सहायता केन्द्र तथा रैन बसेरे का 80 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो गया है। रामकथा पार्क के विस्तारीकरण की वर्तमान भौतिक प्रगति 90 प्रतिशत है। यह कार्य 31 दिसम्बर, 2020 तक पूर्ण हो जाएगा। क्वीन हो मेमोरियल पार्क का 50 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो गया है। इस परियोजना की लागत 2192 लाख रुपए है। उन्होंने कहा कि अयोध्या में राजर्षि दशरथ स्वशासी चिकित्सा महाविद्यालय के निर्माणाधीन भवन का कार्य भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। 19,576 लाख रुपए लागत की इस परियोजना की वर्तमान भौतिक प्रगति 79 प्रतिशत है। अयोध्या में ड्राइविंग टेªनिंग इंस्टीट्यूट का निर्माण भी कराया जा रहा है। 524 लाख रुपए लागत की इस परियोजना के कार्य पूर्ण होने की अनुमानित तिथि 31 दिसम्बर, 2020 है।