मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि बिजली, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य की तरह खेल में भी दिल्ली सबसे आगे है। हमारा देश अंतरराष्ट्रीय खेलों में चीन से भी ज्यादा पदक लाए, इस सपने को पूरा करने के लिए दिल्ली सरकार ने कई योजनाएं बनाई हैं। सीएम केजरीवाल ने खिलाड़ियों से देश के लिए खेल प्रतियोगिताओं में पदल जीतने में कोई भी कसर नहीं छोड़ने की अपील की। सीएम अरविंद केजरीवाल ने उपमुख्यमंत्री एवं शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया के साथ आज दिल्ली के 77 उभरते खिलाड़ियों को उनका उत्साह बढ़ाने के लिए मिशन एक्सलेंस योजना के तहत 4.39 करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान करने के दौरान यह बातें कही।

                                        दिल्ली सचिवालय में आयोजित समारोह में शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने मिशन एक्सलेंस योजना के तहत खिलाड़ियों को आर्थिक सहायता योजना की जानकारी दी। खिलाड़ियों का चयन करने वाली समिति में कर्णम मालेश्वरी, अखिल कुमार, मनीषा मल्होत्रा, गगन नारंग और रोजन सोढ़ी शामिल थे।

                                          केजरीवाल ने खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि हमारे देश में जब कोई खिलाड़ी पदक जीतकर आता है, तो उसके साथ खड़े होने वाले बहुत लोग मिल जाते हैं, लेकिन संघर्ष के दिनों में वह अकेला होता है। आगे बएढ़ने के लिए उसके पास पैसे भी नहीं होते हैं। एक कहावत भी है – ‘पढ़ोगे लिखोगे, तो बनोगे नवाब, खेलोगे कूदोगे होगे खराब।’ ऐसी धारणा के कारण ऐसे खिलाड़ियों को न घर से पर्याप्त मदद मिलती है और न तो कहीं और से मिलती है। इसके बावजूद आप जैसे खिलाड़ी अकेले संघर्ष करते हुए सफलता की चोटी तक पहुंचते हैं।

                                        केजरीवाल ने कहा कि हमारा 130 करोड़ का देश मेडल लाने में इसी कारण पीछे रह जाता है, जबकि हमारे देश में प्रतिभा तो बहुत है। हर गांव और हर मोहल्ले में प्रतिभावान खिलाड़ी हैं, लेकिन उन्हें किसी सरकार का सपोर्ट नहीं मिलता है। ऐसे खिलाड़ियों के लिए दिल्ली सरकार आशा की एक किरण लेकर आई है।